Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान आपके दिमाग में होते हैं ये 3 अचà¥à¤›à¥‡ बदलाव!
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान, कई शारीरिक और मानसिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं। जहां हम सà¤à¥€ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, बेबी बमà¥à¤ª, मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और à¤à¥‹à¤œà¤¨ ने नफरत के बारे में बात करते हैं। लेकिन शायद ही कà¤à¥€, हम दिमाग में परिवरà¥à¤¤à¤¨ जैसे सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बदलाव के बारे में बात करते हैं। बहà¥à¤¤ सारी सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼ कहती हैं कि बेबी-बà¥à¤°à¥‡à¤¨ (baby-brain) à¤à¤• असली समसà¥à¤¯à¤¾ है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में होने वाले बदलाव हमेशा के लिठहो सकते हैं। बहà¥à¤¤ से लोगों का मानना है कि ये बदलाव मां को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं और आजीवन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं। लेकिन कà¥à¤› सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼ से पता चलता है कि इन बदलावों का हमारे दिमाग पर सकारातà¥à¤®à¤• असर à¤à¥€ पड़ता है और यह फायदेमंद साबित होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान ये 3 अचà¥à¤›à¥‡ बदलाव होते हैं
1. गà¥à¤°à¥‡ मैटर (grey matter) में बदलाव होकर बचà¥à¤šà¥‡ के साथ लगाव बढ़ता है
साल 2016 में जरà¥à¤¨à¤² नेचर नà¥à¤¯à¥‚रोसाइंस में छपी à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में सà¥à¤à¤¾à¤¯à¤¾ गया कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ ने मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के आगे और असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ à¤à¤¾à¤—ों से गà¥à¤°à¥‡ मैटर कम किà¤à¥¤ ये दिमाग के वो हिसà¥à¤¸à¥‡ हैं जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं और सामाजिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं। लेकिन अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि गà¥à¤°à¥‡ मैटर में जितनी कमी होती है शिशॠके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आपका लगाव उतना बढ़ता है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¥€ महिलाà¤à¤‚ जिनकी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान गà¥à¤°à¥‡ मैटर में काफी कमी आती है, उनके मन में बचà¥à¤šà¥‡ को लेकर नकारातà¥à¤®à¤• à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ कम होती हैं।
2. इससे यादà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ कमज़ोर नहीं होती
. मेरी अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और डिलिवरी के बाद के मेरे अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ से और अनà¥à¤¯ मांओं ने मà¥à¤à¥‡ जो बताया, उसके आधार पर मैं कह सकती हूं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® समय में मेमरी लॉस सच बीच है। लेकिन à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में दिमाग में होनेवाले बदलावों से मेमरी पर असर नहीं होता। लेकिन, जैसा कि इस दौरान मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• सिकà¥à¤¡à¤¼ जाता है, तो खतरे के संकेत को पहचानने या उसकी सजगता बढ़ाता है और बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² करते समय ये सब मां के लिठकिसी विशेष शकà¥à¤¤à¤¿ जैसी लगती है। लेकिन अचानक से यादà¥à¤¦à¤¾à¤¶à¥à¤¤ या मेमरी कम होने का मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के आकार के साथ कà¥à¤› लेना-देना नहीं करना है। रिसरà¥à¤š करने वालों का मानना है कि इसकी वजह तनाव हो सकता है।
3. पोसà¥à¤Ÿà¤ªà¤¾à¤°à¥à¤Ÿà¤® (postpartum) तकलीफों से निपटने में मदद
चूंकि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• डिलिवरी के बाद बचà¥à¤šà¥‡ के साथ आपके रिशà¥à¤¤à¥‡ को और बेहतर बनाने में मदद करता है। यह à¤à¤• तरह से मां को बचà¥à¤šà¥‡ जनà¥à¤® के जनà¥à¤® के बाद का डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ या बेबी बà¥à¤²à¥‚ज़ का सामना करने में मदद करता है और बचà¥à¤šà¥‡ के साथ आपका लगाव बेहतर हो जाता है।
| --------------------------- | --------------------------- |